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विदेश जाने में बिहार का सिवान अव्वल, विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनाने के लिए दीं ये सुविधाएं

Bihar News : विदेश जाने में बिहार का सिवान जिला नंबर वन है। इसके लिए विदेश मंत्रालय ने भी इस जिले में पासपोर्ट बनाने के लिए अतिरिक्त सुविधाएं दी हैं। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला?
10:39 PM Jan 24, 2025 IST | Deepak Pandey
विदेश जाने में बिहार का सिवान अव्वल  विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनाने के लिए दीं ये सुविधाएं

Bihar News (आकाश, सिवान) : पासपोर्ट सेवा को लेकर विदेश मंत्रालय ने साल 2024 की एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में साल 2024 में 402045 पासपोर्ट बनाए गए। पासपोर्ट बनाने के मामले में सिवान नंबर वन पर है, जबकि गोपालगंज दूसरे और पटना तीसरे नंबर पर है। साथ ही खाड़ी देशों में नौकरी के लिए जाने वालों में भी सिवान जिला अव्वल है। आइए जानते हैं कि विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट के लिए क्या दीं सुविधाएं?

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बिहार में रोजगार की व्यवस्था नहीं होने की वजह से राज्य के लोगों को खाड़ी देशों में रोजी रोटी के लिए पलायन करना पड़ता है, जिसके लिए सबसे जरूरी कागजात पासपोर्ट होता है। इसका प्रभाव बिहार के पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर देखने को मिल रहा है, जहां पहले पासपोर्ट सेवा केंद्र राज्य स्तर पर होता था, जिसके कारण बिहार के लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। ऐसे में लोग जल्द पासपोर्ट बनाने के चक्कर में ठगी का शिकार हो जाते थे। विदेश मंत्रालय ने बढ़ती भीड़ और लोगों को ठगी से बचाने के लिए जिलों के प्रधान डाक घरों में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोला, जहां अधिक संख्या में पासपोर्ट के लिए आवेदन किए जाते हैं।

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अब आसानी से बन जाता है पासपोर्ट

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जिला स्तर पर पासपोर्ट सेवा केंद्र खुल जाने से लोग खुश हैं। पासपोर्ट के आवेदक अख्तर अली ने कहा कि जहां पहले उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए पासपोर्ट सेवा केंद्र पर अपॉइंटमेंट लेने में ज्यादा समय लगता था तो वहीं जिला स्तर पर सेवा केंद्र खुल जाने से आसानी से और कम समय में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए अपॉइंटमेंट मिल जा रहा है और समय से रोजगार की तलाश में खाड़ी देश पहुंच जा रहे हैं।

अब नहीं लगाने पड़ते हैं थाने के चक्कर

पासपोर्ट बनवाने में सबसे अहम भूमिका पुलिस विभाग की है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद आवेदक के चरित्र सत्यापन के लिए डॉक्यूमेंट स्थानीय थाने में भेजा जाता है, जहां वेरिफिकेशन में अधिक समय और आवेदक को थाने का चक्कर लगाना पड़ता था। इसके लिए भी विदेश मंत्रालय ने सभी थानों के लिए एम पासपोर्ट ऐप लॉन्च किया है, जिसके जरिए आवेदकों को थाने का चक्कर लगाए बिना ही आसानी से सत्यापन प्रतिवेदन पासपोर्ट सेवा केंद्र को प्राप्त हो जा रहा है।

पासपोर्ट सेवा वैन भी तैनात

इसी से सीवान जिले के पासपोर्ट आवेदकों की संख्या का अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिवान डाक घर में बढ़ते भीड़ और विलंब को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवा वैन को तीन दिनों के लिए जिले के सदर प्रखंड कार्यालय के कैंपस में स्थापित करते हुए प्रतिदिन 50 आवेदकों का डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन किया।

जानें क्या बोलीं स्वधा रिजवी?

पासपोर्ट सेवा वैन के साथ आईं भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी स्वधा रिजवी ने बताया कि सिवान प्रधान डाक घर में प्रतिदिन 80 आवेदन लिए जाते हैं, उसके बाद भी सिवान जिले के आवेदकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस पर विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवा वैन तैयार की और यह वैन अभी तीन दिनों तक सिवान जिले में रही। प्रयास है कि जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए एक दो महीनों में फिर से पासपोर्ट सेवा वैन को सिवान में भेजा जाए।

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विदेशी पैसा कमाने में पूरे बिहार में सिवान आगे

बहरहाल, पिछले 5 दशक से सिवान आर्थिक रूप से काफी समृद्ध हुआ। 25 लाख की आबादी वाले इस जिले में आज भी 4 लाख से ज्यादा परिवार का एक सदस्य विदेश में नौकरी करता है। यही कारण है कि विदेश मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय का विशेष ध्यान सिवान पर है और सिवान पूरे बिहार में विदेशी पैसा कमाने के मामले में भी लगातार अव्वल रहा है। राजधानी पटना के बाद सिवान पहला ऐसा जिला है, जहां एनआरआई बैंक भी खोला गया है।

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