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'खाने में दिया गया स्लो पॉइजन...' Mukhtar Ansari के बेटे ने खोला मौत का राज! कहा- एम्स में हो पोस्टमार्टम

Mukhtar Ansari Death: मुख्तार अंसारी का पोस्टमार्टम हो चुका है। मगर मुख्तार की मौत के बाद बेटे उमर अंसारी ने पिता की मौत पर शक जाहिर किया है। उमर अंसारी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पिता का पोस्टमार्टम दिल्ली के एम्स अस्पताल में कराने की मांग की है।
02:34 PM Mar 29, 2024 IST | News24 हिंदी
 खाने में दिया गया स्लो पॉइजन     mukhtar ansari के बेटे ने खोला मौत का राज  कहा  एम्स में हो पोस्टमार्टम

Mukhtar Ansari Death: पूर्वांचल का कुख्यात डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) अब इस दुनिया में नहीं रहा। मगर मुख्तार की मौत पर बना सस्पेंस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। 28 मार्च की रात अचानक मुख्तार की तबीयत बिगड़ी। अस्पताल ने मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना बताया। वहीं बांदा के अस्पताल में मुख्तार का पोस्टमार्टम चल रहा है। हालांकि गैंगस्टर की मौत के बाद से ही परिवार सवाल खड़े करने लगा है। अब मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बांदा की बजाए दिल्ली के एम्स अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने की मांग की है।

मुझे भी दिया गया था जहर

जिलाधिकारी को लिखे पत्र में उमर अंसारी ने लिखा कि 21 मार्च 2024 को ही प्रार्थना पत्र के माध्यम से कोर्ट को अवगत करवाया गया था कि, मेरे पिता को खाने में स्लो पॉइजन दिया गया तथा इस घटना के 40 दिन पहले मुझे भी ऐसा जहर दिया गया था। इस जहर की वजह से मेरी हालत बिगड़ चुकी है। उमर अंसारी ने आगे लिखा कि 26 मार्च 2024 को जब मेरे पिता की हालत गंभीर हो गई तब जेल प्रशासन ने आनन-फानन में बांदा के अस्पताल में भर्ती करवाया और सुबह लगभग 4 बजे डॉक्टरों ने उनकी हालत को अतिगंभीर देखते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती किया। जेल प्रशासन ने रोडियोग्राम के माध्यम से मेरे नाम से सूचना मुझ तक भेजी।

पिता ने फोन पर बयां की सच्चाई

उमर अंसारी ने पत्र में लिखा कि जब मैं जिला अस्पताल पहुंचा तो प्रशासन द्वारा मुझे मेरे पिता को देखने भी नहीं दिया गया। हमें इसमें भी साजिश नजर आती है। मेरे पिता का इलाज स्वतंत्र रूप से डॉक्टरों से नहीं करवाया गया और दबाव बनाकर मेरे पिता को कुछ घंटों में ही इसी जिला कारागार बांदा की तन्हाई बैरिक में भेज दिया गया। उमर अंसारी के अनुसार, 28 मार्च 2024 को दिन में लगभग 3ः30 बजे जेल PCO से मुझे मेरे पिता ने बताया कि उन्हें पूर्व योजना के तहत जहर दे दिया गया है और उन्हें 10 दिन से मोशन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा उमर बेटा मैं अब बचूंगा नहीं।

जेल प्रशासन ने नहीं दी सूचना

उमर अंसारी का कहना है कि, 28 मार्च की शाम मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ने की सूचना उमर को नहीं दी गई थी। उमर ने पत्र में लिखा कि मुझे मीडिया के माध्यम से ये खबर मिली तो मैं आनन-फानन में अस्पताल पहुंचा। मेडिकल कॉलेज से स्टाफ द्वारा मुझे बताया गया कि अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। ये मेरे पिता की स्वाभाविक मृत्यु नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है।

दिल्ली एम्स में हो पोस्टमार्टम

इसी पत्र में उमर अंसारी ने जिलाधिकारी से विनती की है कि मुख्तार का पोस्टमार्टम बांदा अस्पताल की बजाए दिल्ली के एम्स अस्पताल में करवाया जाए। उन्होंने लिखा, पोस्टमार्टम एम्स दिल्ली के डॉक्टरों के पैनल से कराने की कृपा करें। क्योंकि यहां के शासन प्रशासन और चिकित्सकीय टीम से अब न्याय की कोई उम्मीद नहीं है।

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