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Diesel कार की माइलेज और लाइफ दोनों बढ़ा देंगे ये आसान टिप्स, आज ही करें फॉलो

डीजल कारों की समय पर सर्विस ना की जाये तो ये आपकी जेब पर भारी पड़ सकती हैं और काफी प्रदूषण भी करती हैं। यहां हम आपको डीजल इंजन कारों की बेहतर देखभाल के लिए कुछ टिप्स देने जा रहे हैं। जिन्हें आप फॉलो कर सकते हैं।
11:14 AM Dec 29, 2024 IST | Bani Kalra
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Diesel Engine Car Care Tips: एक तरफ जहां डीजल इंजन वाली कारों की रनिंग कॉस्ट पेट्रोल कारों की तुलना में सस्ती पड़ती है। लेकिन  डीजल इंजन वाली कारों को ज्यादा देखभाल की जरूरत  होती है, क्योकि डीजल इंजन का ज्यादा पावरफुल होना एक बड़ी वजह है। पेट्रोल इंजन कारों की तुलना में कुछ महंगी भी होती हैं, लेकिन माइलेज काफी अच्छी मिल जाती है जिसकी वजह से लोग डीजल कारों को खरीदना पसंद करते हैं। लेकिन इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि डीजल कारों की समय पर सर्विस ना की जाये तो ये आपकी जेब पर भारी पड़ सकती हैं और काफी प्रदूषण भी करती हैं। यहां हम आपको डीजल इंजन कारों की बेहतर देखभाल के लिए कुछ टिप्स देने जा रहे हैं। जिन्हें आप फॉलो कर सकते हैं।

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एयर फिल्टर की सफाई

अगर समय पर एयर फिल्टर की सफाई ना हो तो इंजन को काफी नुकसान होता है और साथ ही माइलेज में भी गिरावट देखने को मिलती है। एयर फिल्टर का इस्तेमाल सभी इंटर्नल कंबशन इंजन वाली कारों में यूज होता है और यह फिल्टर इंजन की सेफ्टी के लिए भी बेहद जरूरी भी होता है। इसलिए समय-समय पर इसकी सफाई जरूरी है। इसके ज्यादा गंदे होने पर इंजन के परफॉर्मेंस खराब होने लगती है।

कूलेंट बदलें

डीजल इंजन कारें, पेट्रोल इंजन कारों की तुलना में जल्दी हीट होती हैं। इसलिए समय-समय पर डीजल इंजन वाली कारों में कूलेंट की मात्रा चेक करते रहना चाहिए। अगर कूलेंट की मात्रा कम हो जाये, तो टॉप-अप करें, ताकि इंजन ओवर हीटिंग से बच जाये और आपकी कार बेहतर परफॉर्मेंस देती रहे। आपको बता दें कि कूलेंट का काम इंजन को ठंडा रखने का होता है।

फ्यूल फिल्टर

डीजल इंजन की सफाई के लिए फ्यूल फिल्टर लगाया जाता है। अगर आप ऐसी जगह पर गाड़ी ज्यादा चलाते हैं जहां धूल-मिट्टी ज्यादा होती है तो वहां पर गाड़ी में लगे फ्यूल फिल्टर को समय-समय पर चेक करते रहना जरूरी बनता है। इसकी अनदेखी करने पर  कचरा इंजन तक पहुंच सकता है जिसकी वजह से इंजन में परेशानी आ सकती है।

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इंजन ऑयल

डीजल कार में इंजन ऑयल को हर 5,000 से 7,500 किलोमीटर के बीच बदलवाना चाहिए। अगर कार में सिंथेटिक इंजन ऑयल है, तो इसे 10,000 से 15,000 किलोमीटर के बीच बदलवाना चाहिए। लेकिन अगर समय से पहले ऑयल कम हो गया हो या काला पड़ गया हो तो टॉप-अप भी करवा सकते हैं। इस बात का भी ध्यान रखें, कि ऑयल चेंज करवाने के साथ ही आयल फिल्टर भी चेंज करें।

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Tags :
Diesel Engine Car Care
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