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Purnia Lok Sabha Seat: पप्पू यादव यूं ही नहीं लड़ना चाहते पूर्णिया से चुनाव, सता रहा यह बड़ा डर

Purnia Seat Political Equations: बिहार की पूर्णिया सीट की इस समय काफी चर्चा हो रही है। यहां से एनडीए ने संतोष कुमार कुशवाहा को लगातार तीसरी बार चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, आरजेडी ने बीमा भारती को प्रत्याशी बनाया है। हालांकि, इस सीट से पप्पू यादव ने भी नामांकन करने का ऐलान किया है। इससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
12:25 PM Mar 30, 2024 IST | Achyut Kumar
purnia lok sabha seat  पप्पू यादव यूं ही नहीं लड़ना चाहते पूर्णिया से चुनाव  सता रहा यह बड़ा डर
पूर्णिया सीट से Pappu Yadav बनाएंगे रिकॉर्ड या Santosh Kumar Kushwaha लगाएंगे हैट्रिक?

Purnia Lok Sabha Seat Political Equations: बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट इस समय सूबे की सियासत में चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां से जेडीयू ने मौजूदा सांसद संतोष कुमार कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया है, जबकि आरजेडी ने बीमा भारती को चुनावी मैदान में उतारा है। हालांकि, पूर्णिया से पप्पू यादव भी चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। ऐसे में यहां पर मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं। आइए, जानते हैं कि इस सीट पर अब तक किस पार्टी या उम्मीदवार को कितनी बार जीत मिली है...

पूर्णिया लोकसभा सीट से 2019 में किसे मिली जीत?

पूर्णिया लोकसभा सीट से 2019 में जेडीयू प्रत्याशी संतोष कुमार कुशवाहा ने कांग्रेस के उदय सिंह को हराकर जीत दर्ज की। उन्हें 6,32,924 यानी 54.85 फीसदी, जबकि उदय सिंह को 3,69,463 यानी 32.02 फीसदी वोट मिले। यहां कुल 65.37 फीसदी मतदान हुआ। कुल 11 लाख, 53 हजार 989 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।

पूर्णिया लोकसभा चुनाव 2014 का परिणाम

पूर्णिया से 2014 में संतोष कुमार कुशवाहा ने पहली बार जीत दर्ज की। इस चुनाव में उन्होंने बीजेपी के उदय सिंह को हराया था। संतोष को 4,18,826 यानी 41.15 फीसदी, जबकि उदय को 3,02,157 यानी 26.69 फीसदी वोट मिले। इस चुनाव में कुल 64.31 फीसदी वोटिंग हुई। कुल 10,17,750 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

तीन बार सांसद रहे पप्पू यादव

पप्पू यादव पूर्णिया से तीन बार सांसद रहे। सबसे पहले उन्होंने 1991 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। इसके बाद वे 1996 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर, जबकि 1999 में निर्दलीय चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। यही वजह है कि उन्होंने 2024 में फिर से पूर्णिया से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

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पूर्णिया से पहली बार चुने गए 4 सांसद

पूर्णिया से पहली बार 1952 में चार सांसद चुने गए। इनके नाम फणी गोपाल सेन गुप्ता, मानेकलाल मदनलाल गांधी, बेंजामिन हांसदा और मुहम्मद इस्लामुद्दीन हैं। सभी कांग्रेस पार्टी से थे।

1957 से लेकर अब तक कौन-कौन बना सांसद?

सालसांसदपार्टी
1957फणी गोपाल सेन गुप्ताकांग्रेस
1962फणी गोपाल सेन गुप्ताकांग्रेस
1967फणी गोपाल सेन गुप्ताकांग्रेस
1971मोहम्मद ताहिरकांग्रेस
1977लखन लाल कपूरजनता पार्टी
1980मााधुरी सिंहभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई)
1984माधुरी सिंहकांग्रेस
1989तस्लीमुद्दीनजनता दल
1991पप्पू यादवनिर्दलीय
1996पप्पू यादवसमाजवादी पार्टी
1998जय कृष्ण मंडलबीजेपी
1999पप्पू यादवनिर्दलीय
2004उदय सिंहबीजेपी
2008उदय सिंहबीजेपी
2014संतोष कुमार कुशवाहाजेडीयू
2019संतोष कुमार कुशवाहाजेडीयू

पूर्णिया संसदीय क्षेत्र में कितनी विधानसभा सीटें आती हैं?

पूर्णिया संसदीय क्षेत्र में छह विधानसभा सीटें हैं। इनमें कस्बा, बनमनखी, रुपौली, धमदाहा, पूर्णिया और कोरहा सीटें शामिल हैं। इनमें कोरहा सीट कटिहार जिले में आती है।

पप्पू यादव को कौन सा डर सता रहा?

पप्पू यादव तीन बार पूर्णिया से सांसद रहे। ऐसे में अब अगर संतोष कुमार कुशवाहा जीतते हैं तो वे उनके रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। अभी सबसे ज्यादा समय तक सांसद बने रहने का रिकॉर्ड फणी गोपाल सेन गुप्ता के नाम है। वे 4 बार सांसद रहे।

आरजेडी को नहीं मिली एक भी जीत

पूर्णिया सीट से आरजेडी को अभी तक एक भी बार जीत नहीं मिली है। ऐसे में लालू प्रसाद यादव की कोशिश इस सीट पर अपनी पार्टी का खाता खोलने की है। अभी तक  इस सीट पर बीजेपी, जेडीयू और कांग्रेस का ही बोलबाला देखने को मिला है।

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