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मुरादाबाद में सपा ने उतारा दमदार उम्मीदवार, BJP ने भी 'खेला' बड़ा दांव

Lok Sabha Election 2024: मुरादाबाद लोकसभा सीट पर 48 फीसदी मुस्लिम वोट बैंक है। यहां साल 2019 में सपा के डॉ. एसटी हसन चुनाव जीते थे। इस बार पार्टी ने पहले उन्हें टिकट दिया था फिर बदलकर अब उनकी जगह बिजनौर राजघराने की रुचिवीरा को अपना उम्मीदवार बनाया है।
08:00 AM Apr 02, 2024 IST | Amit Kasana
मुरादाबाद में सपा ने उतारा दमदार उम्मीदवार  bjp ने भी  खेला  बड़ा दांव

Moradabad Lok Sabha Seat: लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण (19 अप्रैल) का मतदान जैसे-जैसे करीब आ रहा है, राजनीतिक पार्टियों में शह और मात का खेल जारी है। यूपी की एक दमदार सीट है मुरादाबाद, इस सीट पर भाजपा ने लगातार चौथी बार सर्वेश सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। इससे पहले सर्वेश सिंह 2009, 2014 और 2019 में बीजेपी की तरफ से चुनाव लड़े थे, जिसमें से वह केवल एक बार 2014 में चुनाव जीते लोकसभा पहुंचे थे।

सपा ने क्यों काटा एस.टी हसन का टिकट? 

सपा ने इस बार रुचिवीरा को अपना प्रत्याशी बनाया है, वह बिजनौर से विधायक रही हैं और बिजनौर के राजघराने से हैं। इससे पहले सपा ने डॉ. एस.टी हसन काे टिकट दिया था, उन्होंने अपना नामांकन भी कर दिया था लेकिन सीट के समीकरण देखकर पार्टी ने उनकी जगह रुचिवीरा को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, बसपा ने इस बार इरफान सैफी को अपना प्रत्याशी बनाया है। बता दें 2019 लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा ने एक साथ चुनाव लड़ा था। इस बार यूपी में आरएलडी एनडीए के साथ चुनाव लड़ रही है।

क्रिकेटर अजहरुद्दीन भी इस सीट से बन चुके हैं सांसद

साल 1952 व 1957 में कांग्रेस से प्रो. रामसरन इसी सीट से चुनाव जीते थे। फिर 1962 के चुनाव में मुजफ्फर हुसैन, 1967 में जनसंघ के ओम प्रकाश त्यागी यहां से सांसद बने। बता दें साल 1977 में पहली बार अखिल भारतीय लोकदल का इस सीट से खाता खुला और पार्टी के गुलाम मोहम्मद खां यहां से सांसद चुने गए थे। इसके बाद 2004 में डा. शफीकुर्रमान बर्क, 2009 में कांग्रेस की टिकट पर क्रिकेटर अजहरुद्दीन, 2014 में भाजपा से सर्वेश सिंह और 2019 में सपा के डॉ. एसटी हसन चुनाव जीते थे।

सीट का जातिय समीकरण

जानकारी के अनुसार इस सीट पर सबसे ज्यादा 48 फीसदी मुस्लिम वोट बैंक है। इसके अलावा अनुसूचित जाति, जाट और ठाकुर, मतदाताओं की संख्या करीब 15 प्रतिशत है। जानकारों के अनुसार साल 2019 लोकसभा चुनावों में सपा-बसपा गठबंधन था, यही वजह थी कि सपा के डॉ. एसटी हसन को कुल 51 फीसदी वोट पड़े और वह चुनाव जीत गए थे। बता दें देशभर में 19 अप्रैल से पहले चरण के मतदान हैं और 4 जून को मतगणना होगी।

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